
*न सौ काशी न एक पिशाची*
*भरतकुंड का पौराणिक पिशाची मेला आज*
*मसौधा:”न सौ काशी न एक पिशाची”*
किंवदंति है कि काशी में सौ बार स्नान करने से जितनी पुण्य की प्राप्ति होती है उतना पुण्य ऐतिहासिक एवं पौराणिक पिशाची कुंड में एक बार स्नान करने से प्राप्त होती है। इसी मान्यता के चलते नंदीग्राम भरतकुंड से लगभग 800 मीटर पूर्व में पिशाच मोचन कुण्ड में प्रतिवर्ष लगने वाले पिशाची मिले के मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं। प्राचीन भरत गुफा एवं श्री भरत हनुमान मिलन मंदिर के महंत परमात्मा दास जी महाराज बताते हैं कि प्रत्येक वर्ष चैत माह की चतुर्दशी को पिशाची मेला लगता है।
बताते हैं कि लंका पर रावण के वध के उपरांत विजय प्राप्ति के बाद भगवान राम ब्रह्म हत्या से मुक्ति प्राप्त करने के लिए पिशाच मोचन कुंड में स्नान किया था। यह भी मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से पिशाचों से मुक्ति प्राप्त होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है
नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के चेयरमैन मोहम्मद राशिद ने बताया कि मेले में किसी भी तरह की अवैध वसूली हुई तो वसूली करने वाले विरुद्ध कठोर कार्यवाही होगी।



